मैंने हार नहीं मानी............

कुछ पंक्तियाँ किसी के लिए......
रिश्तों पर इलज़ाम सहे.
प्रेम के ढेरों नाम सहे..

दुनिया भर से यारी में,
दुश्मन आठों याम सहे..

उस की मर्ज़ी वो जाने,
हम ने चारों धाम सहे..

तेरी-मेरी हस्ती क्या,
मीरा ने घनश्याम सहे..

दूर बहुत फल 'पूजा का,
दर्द बहुत गुलफाम सहे.

मैंने हार नहीं मानी,
मैंने तो अंजाम सहे..
--योगेन्द्र मौदगिल

24 comments:

डॉ. मनोज मिश्र said...

वाह,बढ़िया रचना,आभार.

प्रवीण पाण्डेय said...

मैंने हार नहीं मानी,
मैंने तो अंजाम सहे..

बड़ी सपाट पंक्तियाँ, उत्साह जगाती।

सतीश सक्सेना said...

मज़ा आ गया कविवर ....बधाई !

" मैंने हार नहीं मानी " पर कुछ लिखने का दिल हो आया है , आपकी स्वीकृति चाहिए गुरुदेव !

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

आज 03-09 - 2011 को आपकी पोस्ट की चर्चा यहाँ भी है .....


...आज के कुछ खास चिट्ठे ...आपकी नज़र .तेताला पर

वन्दना said...

बडी गज़ब की प्रस्तुति है।

दीपक बाबा said...

मीरा ने घनश्याम सहे..

बहुत कुछ सहना है... गर जन्म लिया है तो...
इस कविता ने हमरा हौंसला भी बडा दिया...

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

दुनिया भर से यारी में,
दुश्मन आठों याम सहे..


बहुत बढ़िया ...

डॉ टी एस दराल said...

किसी के लिए भी लिखे हों , लेकिन बहुत सही लिखे हैं ।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार के चर्चा मंच पर भी की लगाई है!
यदि किसी रचनाधर्मी की पोस्ट या उसके लिंक की चर्चा कहीं पर की जा रही होती है, तो उस पत्रिका के व्यवस्थापक का यह कर्तव्य होता है कि वो उसको इस बारे में सूचित कर दे। आपको यह सूचना केवल इसी उद्देश्य से दी जा रही है! अधिक से अधिक लोग आपके ब्लॉग पर पहुँचेंगे तो चर्चा मंच का भी प्रयास सफल होगा।

Minakshi Pant said...

बहुत सुन्दर रचना |

singhSDM said...

रिश्तों पर इलज़ाम सहे.
प्रेम के ढेरों नाम सहे..




तेरी-मेरी हस्ती क्या,
मीरा ने घनश्याम सहे..




खूबसूरत एहसासों से रची रचना परोसने की बधाई , लाजवाब रचना......!!!!

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

बेहद शानदार !

Dr (Miss) Sharad Singh said...

सुन्दर संवेदनशील अभिव्यक्ति...

आशा जोगळेकर said...

तेरी-मेरी हस्ती क्या,
मीरा ने घनश्याम सहे

बहुत बढिया ।

CS Devendra K Sharma "Man without Brain" said...

prerak aur utsahwardhak rachna...

देवेन्द्र पाण्डेय said...

पाबला जी के मेल से जाना कि आज आपका जन्म दिन है। मेरी भी बधाई स्वीकार करें। सौ साल जियें और ऐसी ही मस्त रचनाओं से हमें आनंदित करते रहें।

हरकीरत ' हीर' said...

कुछ पंक्तियाँ किसी के लिए....
कौन है वो ....:))

ज़न्म्दीन मुबारक ....!!

डॉ0 ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ (Dr. Zakir Ali 'Rajnish') said...

योगेन्‍द्र जी,

आरज़ू चाँद सी निखर जाए,
जिंदगी रौशनी से भर जाए,
बारिशें हों वहाँ पे खुशियों की,
जिस तरफ आपकी नज़र जाए।
जन्‍मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ!
------
मनुष्‍य के लिए खतरा।
रूमानी जज्‍बों का सागर है प्रतिभा की दुनिया।

योगेन्द्र मौदगिल said...

Devendra Pandey ji, Harkeerat Heer ji or Zakir bhai...

देख बधाई ढेर को, यत्र-तत्र-सर्वत्र..
आभारी, पुलकित बहुत, जन्मदिवस का सत्र..

साभार

aap sabhi ko yathayogy.....

संतोष पाण्डेय said...

कमाल क़ी ग़ज़ल

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...

सुन्दर भाव!

चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ said...

आपके इस सुन्दर प्रविष्टि की चर्चा कल दिनांक 28-12-2011 को चर्चा मंच पर भी होगी। सूचनार्थ

kanu..... said...

humne charon dham sahe...sundar rachna....aapko padhkar accha laga

निर्झर'नीर said...

मैंने हार नहीं मानी,
मैंने तो अंजाम सहे..

गजब ..आप तो हमेशा ही गजब ढाते हो