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तिल्यार, तिल्यार की बार और तीन यार

अरे दीवानों---हमें पहचानो

पहचानने वाले को पानीपत की महाराजा बार में एक शाम फ्री 






मौज-मस्ती के तराने आपके.
प्रीत के सारे बहाने आपके.
चांदनी, चंपा, चमेली, चाँद भी,
बोलते-बिंदास माने आपके..
--योगेन्द्र मौदगिल