राष्ट्र-ताऊ को समर्पित .......

आज सफीदों में कवि सम्मेलन है

सर्वश्री सारस्वत मोहन मनीषी,
अशोक शर्मा व्
बलजीत कौर दिल्ली से

लखनऊ से श्यामल मजुमदार

सोनीपत से अशोक बत्रा

नोएडा से विनोद पांडे

और

पानीपत से खाकसार याने योगेन्द्र मौदगिल
उपस्थि रहेंगे

राष्ट्र-ताऊ को समर्पित
एक फागुनी ग़ज़ल हरयाणवी रंग में
समर्पित करता हूँ..



आनंद लें.

खीर, खीचड़ी, दारु, मट्ठा ताऊ जी
होग्या सारा गाम इकट्ठा ताऊ जी

मज़े ननदिया लेवे, देवर कूक भरे,
देख कै जर्मन लट्ठम-लट्ठा ताऊ जी

भैस नै लेग्या ऊँट तो झोट्टा रूस गया,
हंस्या गाम का पट्ठा-पट्ठा ताऊ जी

गोरी चढ़ी दूकान पै लाला रीझ गया
पाड्या टैरीलीन पै लट्ठा ताऊ जी

यू होली का नसा गज़ब का सै भाई,
पूरा फ़ाग्गन गट्ठम-गट्ठा ताऊ जी
--योगेन्द्र मौदगिल

16 comments:

डॉ. मनोज मिश्र said...

मज़े ननदिया लेवे, देवर कूक भरे,
देख कै जर्मन लट्ठम-लट्ठा ताऊ जी
भैस नै लेग्या ऊँट तो झोट्टा रूस गया,
हंस्या गाम का पट्ठा-पट्ठा ताऊ जी...
वाह,क्या कहनें हैं.

सतीश सक्सेना said...

ताऊ जिंदाबाद!!

Kajal Kumar said...

वाह पूरा का पूरा गाम इ आ लिया कविता में तो जी. भौतै बढिया.
भाई, आप बाक़ी कवियों को भी क्यों नही प्रेरित करते ब्लाग बनाने के लिए.

पी.सी.गोदियाल "परचेत" said...

भैस नै लेग्या ऊँट तो झोट्टा रूस गया,
हंस्या गाम का पट्ठा-पट्ठा ताऊ जी


गोरी चढ़ी दूकान पै लाला रीझ गया
पाड्या टैरीलीन पै लट्ठा ताऊ जी

ताऊ की जय !

अन्तर सोहिल said...

भैस नै लेग्या ऊँट तो झोट्टा रूस गया,

इसा जुल्म तो होली पै होये जा सै
जीईईईईईईईईईईस्सस्स्सा आग्या

प्रणाम

ललित शर्मा said...

@गोरी चढ़ी दूकान पै लाला रीझ गया
पाड्या टैरीलीन पै लट्ठा ताऊ जी

कमाल कर दिया भाई....

प्रवीण पाण्डेय said...

ताऊ, कृपया प्रकट हों।

डॉ टी एस दराल said...

भैस नै लेग्या ऊँट तो झोट्टा रूस गया,
हंस्या गाम का पट्ठा-पट्ठा ताऊ जी

ha ha ha ! चाला पाड़ दिया ।

संजय @ मो सम कौन ? said...

दादा,
झोट्टा क्यूंकर रूस गया? बकरी ने लै आता:)

थम और अन्तर दोनों ताऊ गैल मिलके के खिचड़ी सी पकाण में जुट रहे हो, असली ताऊ नकली ताऊ की?

राज भाटिय़ा said...

गोरी चढ़ी दूकान पै लाला रीझ गया
पाड्या टैरीलीन पै लट्ठा ताऊ जी
योगेन्द्र जी इस मे लाला का क्या कसुर.... आप खुद सोचो.... लाला की जगह अगर ताऊ होता तो?
बाकी तो घणा मजा आ गया, इब इस गोरी का क्या करे? लाला तो भाग गया.. लठ्ट देख के

ताऊ रामपुरिया said...

इब भैंस नै ऊंट ले भागैगा तो झोठा त रूसैईगा भाई.:)

रामराम

Patali-The-Village said...

घणा मजा आ गया, ताऊ की जय|

दयानिधि वत्स said...

मैं तो दस का इन्तजार कर रहा हूं...
धीरू जी के साथ आप से मिलूंगा....

दिगम्बर नासवा said...

भैस नै लेग्या ऊँट तो झोट्टा रूस गया,
हंस्या गाम का पट्ठा-पट्ठा ताऊ जी

रामराम ... घणा मजा आया ...

सुशील बाकलीवाल said...

एक दाद इन्दौरी पट्ठों की भी.
वाह... मजा आ गया ।

विनोद कुमार पांडेय said...

बहुत बढ़िया ताऊ जी.......होली आ गई