लो मैं आ गया ........

सभी मित्रों को प्रणाम
विंडो करप्ट और हार्ड डिस्क खल्लास
लेकिन हार्ड डिस्क कम्बक्त गारंटी में थी
सो कम्प्यूटर वाले ने
बदलने भेज दी
लगभग दो महीने बाद मिली  है
अभ्यास छूट गया है लेकिन  
एक दोहे के साथ अपनी उपस्तिथि दर्ज करवा रहा हूँ

कि
 देखो मेरे लाल का कितना खूब कमाल
कल तक जी का खेल था अब जी का जंजाल
--- योगेन्द्र मौदगिल

17 comments:

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

स्वागत है वापसी का....दोहा बहुत खूब है ..

डा. अरुणा कपूर. said...

वापसी पर हार्दिक स्वागत !....दोहा बहुत बढिया है!

पी.सी.गोदियाल said...

Welcome Sir !
आगे से ध्यान रखियेगा कि ओवर आल 75% अटेंडेंस जरूरी है !:)

सतीश सक्सेना said...

स्वागत है आपका ...शुभकामनायें

डॉ टी एस दराल said...

जी सही कहा , खेल तो जी का जंजाल ही बना हुआ है ।

soni garg said...

आपका इंतज़ार था सर और वास्तव में अब ये खेल तो जी का जंजाल बन चुके है !

राज भाटिय़ा said...

्स्वागत है जी.

ताऊ रामपुरिया said...

घणा स्वागत भाई.


रामराम

संगीता पुरी said...

पुनर्वापसी का स्‍वागत है !!

सम्वेदना के स्वर said...

अब भी है जंजाल कवि जी यहाँ आईए
रपट आपके खोने की है देख जाइए
हम चिंतित थे और सभी बेचैन थे साथी
सूई सा कारण समझे थे, निकला हाथी!
http://samvedanakeswar.blogspot.com/2010/07/blog-post_23.html

सुस्वागतम्!!

विनोद कुमार पांडेय said...

स्वागत है..ताऊ जी...बहुत इंतज़ार करवाया आपने..

Mrs. Asha Joglekar said...

पुन्हा की बोर्ड सम्हालने पर स्वागत । ये दोहा आपके कम्पूदेव जी पर सटीक बैठता है ।

ललित शर्मा said...

वो ही मैं कह रहया था के मौदगिल साहब लम्बे आराम पे क्युंकर चलगे।
इब बेरा पाटया के मामला कुछ ओर ही था

कवि का के भरोसा के करले।:)

नीरज जाट जी said...

चुपचाप चले गये थे।
मैने तो सोचा पता नहीं कोई अनहोनी तो नहीं हो गयी।
वापसी का स्वागत है।

अमिताभ मीत said...

स्वागत ... स्वागत .. कविवर ! आप की कमी खल रही थी !!

Parul said...

too gud :)

पी के शर्मा said...

इतनी मोटी आइटम गायब कैसे हो सकती थी....