पानीपत सांस्कृतिक मंच का पांचवा कवि सम्मेलन
सादर आमंत्रण
अभी इस कविसम्मेलन की तैयारियों में व्यस्त हूँ.
फुर्सत होते ही आप सब की टिप्पणियों का उत्तर भी दूंगा.
शेष कुशल......
फुर्सत होते ही आप सब की टिप्पणियों का उत्तर भी दूंगा.
शेष कुशल......
फिलहाल सिर्फ इतना ही कि
तुम मुझसे कह लेना हम तुमसे कह लेंगे.
अवसाद हमारे हैं मिल कर के सह लेंगे.
यह दुनिया का दरिया बिन बाँध का दरिया है,
हाथों में हाथ ले कर धारा में बह लेंगे..
--योगेन्द्र मौदगिल
