मैं अर म्हारी घरआळी.........











मैं अर म्हारी घरआळी

9 मई 1984 को हम दोनूं अरेंज्ड सूत्र में बंधे थे

26 साल होगे पर न्यू लाग्गै जणूं कल की ए बात सै

खैर........

21 comments:

काजल कुमार Kajal Kumar said...

ढेंरों मंगल कामनाएं.

bhArtiya nAgrik said...

बधाईयां ढ़ेरों....

राज भाटिय़ा said...

योगेंदर भाई घणी घणी बधाई जी, दोनो की जोडी खुब सुंदर लग रही है,ओर अगले ६२ साल ऎसे ही हंसते खेलते गुजरे..

Shekhar Kumawat said...

hachi bat he sa dan an tem nirta tem ni lage he


gani gani badhai aap ne an ra wate


http://rajasthanikavitakosh.blogspot.com/

विनोद कुमार पांडेय said...

ताऊ जी वैवाहिक वर्षगाँठ की बहुत बहुत बधाई!!!

ललित शर्मा said...

वाह भाई योगेन्द्र जी
फ़ोन पै बात करके भी या बात कोनी बताई,

थमने दोनु जणा नै ब्याह की सालगिरह की
घणी घणी बधाई।

रम+रम,
राम-राम

ताऊ रामपुरिया said...

बहुत बधाई और आशीष.

रामराम.

डॉ टी एस दराल said...

पूरी पोस्ट छानने के बाद बेरा पाट्या के यो माज़रा के सै।

आप दोनों को वैवाहिक वर्षगांठ की हार्दिक बधाई और शुभकामनायें , योगेन्द्र जी ।

यानि हम भी साथ ही हैं आपके ( १३-४-१९८४)।

इब म्हारी आगली पोस्ट पढना मत भूलना ।

अमिताभ मीत said...

बधाई कविवर .. बधाई ! २६ साल और गुज़र जाएँ और ये नयापन बना रहे !!

sangeeta swarup said...

बहुत बहुत बधाई....

शिव कुमार "साहिल" said...

आप जी को वैवाहिक वर्षगांठ की बहुत-बहुत बधाई
और शुभकामनायें।

-साहिल-

सतीश सक्सेना said...

राज भाटिया की शुभकामनायें अच्छी लगी यही शब्द मेरे माने ! अच्छा लगा !

zeal said...

Perfect couple !

Belated wishes..

Dr. kavita 'kiran' (poetess) said...

Aderneeya Babhi shree ke darshan karwane ka shukriya moudgil ji.Badhaiyan aur shubhkamnayen.

नीरज गोस्वामी said...

भाई जी आप देखना आने वाले छबीस सालों में भी ये कल की सी बात लगेगी...एक दम ताज़ा तरीन...
नीरज

ढपो्रशंख said...

आज हिंदी ब्लागिंग का काला दिन है। ज्ञानदत्त पांडे ने आज एक एक पोस्ट लगाई है जिसमे उन्होने राजा भोज और गंगू तेली की तुलना की है यानि लोगों को लडवाओ और नाम कमाओ.

लगता है ज्ञानदत्त पांडे स्वयम चुक गये हैं इस तरह की ओछी और आपसी वैमनस्य बढाने वाली पोस्ट लगाते हैं. इस चार की पोस्ट की क्या तुक है? क्या खुद का जनाधार खोता जानकर यह प्रसिद्ध होने की कोशीश नही है?

सभी जानते हैं कि ज्ञानदत्त पांडे के खुद के पास लिखने को कभी कुछ नही रहा. कभी गंगा जी की फ़ोटो तो कभी कुत्ते के पिल्लों की फ़ोटूये लगा कर ब्लागरी करते रहे. अब जब वो भी खत्म होगये तो इन हरकतों पर उतर आये.

आप स्वयं फ़ैसला करें. आपसे निवेदन है कि ब्लाग जगत मे ऐसी कुत्सित कोशीशो का पुरजोर विरोध करें.

जानदत्त पांडे की यह ओछी हरकत है. मैं इसका विरोध करता हूं आप भी करें.

हरकीरत ' हीर' said...

बल्ले..... मौदगिल जी ......कल ही हम आपको याद कर रहे थे और इधर आपका लम्बे अरसे बाद आना हुआ .....(वो इसलिए कि आपके इक मित्र का 'अभिनव प्रयास ' में हमारी नज्में पढ़ कर फोन आया था ...वो मित्र थे अली हसन....गाज़ियाबाद के )....खैर आपने २५ साल तो पार कर लिए और मिठाई - विठाई कुछ नहीं पर २६ वें साल की बधाई लेने आ गए .....????

चलिए कोई बात नहीं हम कंजूसी नहीं करते ......"बहुत बहुत बधाई ....."
तस्वीरें बहुत अच्छी हैं ...भाभी जी भी खूबसूरत हैं ....

आप दोनों को फिर एक बार ढेरों बधाई .....!!

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...

आपको और भाभीजी को हार्दिक बधाई!

नीरज जाट जी said...

एक तो हास्य कवि हैं ही,
दूसरी हास्य कविनी लग रही हैं।

संजय भास्कर said...

बहुत बहुत बधाई....

संजय भास्कर said...

आप दोनों को फिर एक बार ढेरों बधाई .....!!