ऒह...

ऒह
कल हरि‍द्वार में गंगातट पर लगभग सुबह ८ बजे हिफा करनाल के निदेशक पियूष जी का फोन आया कि खबर मिली है एक सड़क दुर्घटना में आदित्य जी नहीं रहे. उनके साथ कुछ और कवि भी थे. मैं सन्न रह गया...... तभी गीतकार वीरेन्द्र मधुर (रोहतक) का फोन आया और उन्होनें नीरज पुरी व लाड़ सिंह गुर्जर के भी हताहत होने की सूचना दी. ऒम व्यास और जानी बैरागी के भयंकर चोटिल होने की सूचना ने मन खराब कर दिया..

आदित्य जी, नीरज पुरी व ऒम व्यास के साथ तो न जाने कितनी बार काव्यपाठ किया. लाड़सिंह व जानी बैरागी से बस एक दो ही मुलाकातें रही. स्मृतियों ने वापस लौटने पर मजबूर कर दिया और मैं सपरिवार पानीपत लौट चला. एक अजीब से भय में लगभग १६० कि मी का सफर मैंने ६ घंटे में तय किया. बच्चे भी चुप थे और पत्नी भी. किसी ने भी स्लोड्राइविंग या बार-बार रुकने पर पर कोई टिप्पणी नहीं की.

सुबह अखबार देखते ही एक झटका और लगा हबीब तनवीर भी नहीं रहे...

ऒह..

अभी राजेश चेतन (दिल्ली) ने बताया कि ऒम व्यास कोमा में हैं और जानी बैरागी खतरे से बाहर हैं.
प्रभु से प्रार्थना है कि दोनो बहुत जल्दी ठीक होकर आ जायें..

हबीब जी, आदित्य जी, नीरज जी, लाड़ सिंह जी को श्रद्धांजलि....

ऒम व्यास और जानी बैरागी को शुभकामनाएं....

21 comments:

AlbelaKhatri.com said...

dukh ghana hai bhai par kya karen?

रविकांत पाण्डेय said...

परमात्मा महादुख की इस घड़ी को सहने का साहस दे। दिवंगत आत्माओं को शांति तथा हताहतों के कुशल-मंगल हेतु नित्य ईश्वर-प्रार्थी हूं।

कंचन सिंह चौहान said...

ये दिन निश्चय ही बहुत काला दिन था..! कुछ कहने को शेष नही..!

दिगम्बर नासवा said...

हबीब जी, आदित्य जी, नीरज जी, लाड़ सिंह जी को हमारी भी श्रद्धांजलि..

Udan Tashtari said...

हबीब जी, आदित्य जी, नीरज जी, लाड़ सिंह जी को श्रद्धांजलि

ताऊ रामपुरिया said...

यह अपूरणीय क्षति है. हबीब जी, आदित्य जी, नीरज जी, लाड़ सिंह जी को श्रद्धांजलि.

रामराम.

SWAPN said...

teenon kaviyon ko bhavpurna shardhanjali, aur sh om vyaas aur sh laad singh ji ke sheeghra swasth hone ke liye prarthna karta hun ishwar unhen sheeghra swasth karen.

Science Bloggers Association said...

अपूरणीय क्षति।

-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }

समयचक्र - महेन्द्र मिश्र said...

हबीब जी,आदित्य जी,नीरज जी,लाड़ सिंह जी को श्रद्धांजलि.....

सुशील कुमार छौक्कर said...

दुखद दिन। अपूरणीय क्षति।

पंकज सुबीर said...

मंच के लिये उसे एक काला सोमवार कहा जा सकता है । आदरणीय आदित्‍य जी का जाना , नीरज भाई का जाना और मेरे ही पड़ोस के छोटे से गांव पोलायकलां के भाई लाड़सिंह का जान उस पर हबीब तनवीर साहब ने भी उसी दिन अलविदा कहा । ओम जी अभी भी कोमा में हैं । और क्‍या कहू इस काले सोमवार को लेकर । ईश्‍वर तू कभी कभी इतना निर्दयी क्‍यों हो जाता है ।

डॉ. मनोज मिश्र said...

वाकई यह अपूरणीय क्षति है. मंच सूना हो गया . सभी को हमारी विनम्र और भावभीनी श्रद्धांजलि.

राज भाटिय़ा said...

हबीब जी, आदित्य जी, नीरज जी, लाड़ सिंह जी को श्रद्धांजलि....
बहुत बुरा हुया, लेकिन हमारे देश मै जेसे जेसे कारे बढती जा रही है, वेसे लोगो को चलाने के लिये सिखाया नही जाता, ओर मेने देखा है १३, १४ साल के बच्चे भी कार चला रहे है, ओर मां बाप खुश हो रहे है, अरे जिन्हे साईकिल चलानी आती नही वो कार चला रहे है, कार तो कोई पागल भी चला सकता है, लेकिन सही तरीके से कार को चलाना ओर सारे नियम का पालन कर के कार चलाना अलग बात है,
ओर जब तक कानून सख्त नही होगे तो ऎसी दुर्घटना होती रहेगी, मै खुद बच कर आया हूं, वरना आज तक मेरी तेहरवी फ़ेहरवी हो चुकी होती,
कसुर किसी का भी हो जो नुकसान हुया इस की भरपाई नही हो सकती,
ऒम व्यास और जानी बैरागी की सेहत जल्द अच्छी हो, जल्द से अच्छॆ हो जाये भगवान से यही प्रार्थाना करता हुं.

P.N. Subramanian said...

बहुत ही दुखद समाचार. आदित्य जी, नीरज जी, लाड़ सिंह जी को हमारी भी श्रद्धांजलि. इसके अतिरिक्त और कर भी क्या सकते हैं.

राजीव तनेजा said...

अपूरणीय क्षति

Anil Pusadkar said...

श्रद्धासुमन अर्पित करता हूं।

बसंत आर्य said...

कई बार सिर्फ यादो का रह जाना बहुत दुखद होता है

ओम आर्य said...
This comment has been removed by the author.
ओम आर्य said...

जिन्दगी बेवफा होती है.....अत्यंत दुखद

ओम आर्य said...
This comment has been removed by the author.
अभिषेक ओझा said...

अत्यंत दुखद !
श्रद्धांजलि.