ज़माना लुच्चों का........

झूठ की जै-जैकार, ज़माना लुच्चों का.
सच्चों को दुत्कार, ज़माना लुच्चों का.

टीवी, फिल्में, विग्यापन, अखबार सभी,
कपड़े रहे उतार, ज़माना लुच्चों का.

राज्य-सदन हो संसद या मंदिर-मस्ज़िद,
सब नोटों के यार, ज़माना लुच्चों का.

हमें शान्तिपाठ सिखाने वाले स्वयं,
बेच रहे हथियार, ज़माना लुच्चों का.

रंगदारी-अपहरण हुए उद्योगों से,
जन-गण-मन लाचार, ज़माना लुच्चों का.

सांडों के झगड़े में, शामत बछड़ों की,
दर्शक रंगे सियार, ज़माना लुच्चों का.

मर्द ढके कपड़ों में, औरत चिन्दी में,
क्या फैशन है यार, ज़माना लुच्चों का.

सारी दुनिया डूब, गई है पापों में,
लुच्चों की भरमार, ज़माना लुच्चों का.
--योगेन्द्र मौदगिल

22 comments:

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...

एकदम सच कहा मौदगिल जी!

SWAPN said...

wah maudgil ji aapki lekhni gazab dha rahi hai,vyngya men to aapka jawaab nahin, behtareen rachna, badhai sweekaren.

अशोक पाण्डेय said...

सही बात है। जमाना लुच्‍चों का ही है।

डॉ. मनोज मिश्र said...

हम सब भी बेकार -जमाना लुच्चों का .

Shefali Pande said...

ज़माना वाकई लुच्चों का है सच्चे तो सारी जिन्दगी रोते ही रहते हैं ...

राजीव तनेजा said...

खूब खरी-खरी सुना रहे हैँ जनाब

Udan Tashtari said...

पोस्ट ठेलते आप, हंसाने जन जन को,
टिप्पणी करते यार, जमाना लुच्चों का.


--बहुत खूब और सटीक धार!!

शोभा said...

हा हा हा आप तो हास्य-हास्य में बहुत कुछ कह गए। बधाई।

आलोक सिंह said...

सत्य वचन
लुच्चों की भरमार, ज़माना लुच्चों का.
जय हो !!!

P.N. Subramanian said...

जिते देखो उते लुच्चे. खूब कही. आभार.

Pt.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

सत्य वचन सरकार,जमाना लुच्चों का.....

संगीता पुरी said...

बहुत बढिया लिखा ... सोलह आने सच।

जितेन्द़ भगत said...

अच्‍छा व्‍यंग्‍य:)

"अर्श" said...

आपने मारा है मौदगिल ऐसा ब्यंग
थर्राई सरकार ज़माना लुच्चो का

फिर से मारा आपने... बहोत सही लगाया आपने... ढेरो बधाई..

अर्श

दिगम्बर नासवा said...

सच्ची सही बात ......आपका ये अंदाज़ बहुत खूब है मोदगिल साहब .........तीखा व्यंग, सच पर कड़वी बात
दुर्गा अष्टमी और राम जन्म की बहुत बहुत बधाई

ताऊ रामपुरिया said...

बहुत सही है बात जमाना लुच्चों का.

रामराम.

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

sahi kaha, bilkul jamana hai hi luchho ka

समयचक्र - महेन्द्र मिश्र said...

ज़माना लुच्चो का
बहुत सही ....राम जन्म की बधाई.

pallavi trivedi said...

bahut sateek aur sahi vyangya kiya hai...

राज भाटिय़ा said...

*झूठ की जै-जैकार, ज़माना लुच्चों का.
सच्चों को दुत्कार, ज़माना लुच्चों का.
वाह योगेन्दर जी आप ने बहुत सच लिखा, मजा आ गया.
धन्यवाद

अनिल कान्त : said...

बहुत खूब कहा ...मज़ा आ गया

Dinesh Sharma said...

योगेन्द्र जी ,बस इतना कहूँगा -
खूब कही है बात जमाना लुच्चो का ।